देतान्त से आप क्या समझते हैं?

देतान्त से आप क्या समझते हैं? इसे परिभाषित करते हुए इसकी प्रकृति उपलब्धियों तथा महत्त्व की विवेचना कीजिए।

उ. 1. दितान्त अर्थ- दितान्त एक फ्रेन्च शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है तनाव में कमी अथवा तनाव में शिथिलता ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार दितान्त दो राज्यों के तनावपूर्ण सम्बन्धों की समाप्ति है। वर्तमान समय में इस शब्द का प्रयोग अमेरिका पूर्ववर्ती सोवियत संघ जैसी महाशाक्तियों सम्बन्धों में तनाव शैथिल्य का अभिव्यक्त करने के लिये किया गया था।

2. देतान्त की परिभाषा एवं प्रकृति – डॉ. हेनरी ए. कीसिंगर ने देतान्त को ‘पारस्परिक अणु भय’ के रूप में अभिव्यक्त किया था। उनकी धारणा है कि “अणु युग में सैनिक शक्ति और राजीनतिक दृष्टि से व्यवहार्य शक्ति में जो अन्तर (फर्क) है वह देतान्त है।” निस्सन्देह देतान्त अमेरिका और पूर्ववर्ती सोवियत संघ की ‘आणविक बराबरी’ का परिणाम था परन्तु इससे देतान्त प्रकृति की पूर्ण अभिव्यक्ति नहीं होती। देतान्त में जहाँ आणविक भय विद्यमान होता है वहाँ राष्ट्रीय हितों एवं जनकल्याण के लिए प्रतिद्वन्द्विता और सहयोग की इच्छा भी विद्यमान होती है। इस तरह देतान्त में आणविक भय, प्रतिद्वन्द्विता और सहयोग तीनों एक साथ विद्यमान होते हैं। ए. पी. राणा का मत है कि “यदि देतान्त की व्याख्या महाशक्तियों के व्यवहार के केवल सहयोगी स्वरूप के अर्थ में की जाये तो वह वर्तमान वास्तविकता का मिथ्या वर्णन होगा, उसका प्रतिबिम्ब या स्पष्टीकरण

देतान्त एक एसी प्रक्रिया या प्रवृत्ति है जिसमें एक समय पर दो परस्पर विरोधी प्रवृत्तियाँ – सहयोग और प्रतिद्वन्द्विता-पायी जाती हैं। ए. पी. राणा ने महाशक्तियों के न मान सहयोगी-प्रतिद्वन्द्वी व्यवहार को ‘कालूपीटिव ‘ कहा है। उसका मत है के सहयोगी

प्रतिद्वन्द्वी व्यवहार को किसी संकट की घड़ी अथवा विश्व में यथास्थिति को बनाये रखने स्वाभ की आवश्यकता, आर्थिक सहयोग और परमाणु अस्रों के परिसीमन की आवश्यकता के जस

समय देखा जा सकता है। जार्जी अराबेतोव के अनुसार “देतान्त अन्तर्राष्ट्रीय परिस्थितियों उत की नवीन वास्तविकताओं के साथ समझौता है।” नी। देतान्त ने महाशक्तियों में, शीत युद्ध के तनावपूर्ण सम्बन्धों में शिथिलता ला क्य दी और उनमें प्रतिरोध के स्थान पर समझौता वृत्ति, शत्रुता के स्थान पर मेल-मिलाप, होंने विरोध के स्थान पर सहयोग, विभाजन के स्थान पर समायोजन, खण्डन-मण्डन । व्यवहार के स्थान पर सभ्य एवं प्रतिष्ठित व्यवहार को जन्म दिया। सन् 1963 की सीमित परमाणु परीक्षण प्रतिबन्ध सन्धि, 1963 में वाशिंगटन-मास्को के मध्य स्थापित की गयी, लगः ‘हॉट लाइन’, 1968 की परमाणु अस्त्र प्रसार निषेध सन्धि, सितम्बर 1971 का बर्लिन है समझौता, शिखर के नेताओं द्वारा समय-समय पर की जाने वाली एक-दूसरे देश की ग सद्भावना यात्रायें एवं वार्तायें, सन् 1975 का 35 राष्ट्रों का हेलसिंकी में यूरोपीय सुरक्षा • एवं सहयोग सम्मेलन एवं सन् 1977-98 का ब्रेलग्रेड सम्मेलन, साल्ट-वार्ताये,

की आई. एन. एफ. सन्धि, 1988 का अफगान समझौता, दिसम्बर 1989 की माल्टा वार्तायें, 1990 में नामीबिया स्वतन्त्रता आदि तत्त्व महाशक्तियों में देतान्त व्यवहार में सहयोगी पक्ष के प्रमुख उदाहरण है।

देतान्त का यह अर्थ नहीं कि दोनों महाशक्तियों के मतभेद पूर्णतः समाप्त हो गये या

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