आग्याकारी माँ

        आग्याकारी माँ” दोस्तो मैं आपका अपना सतीश नई कहानी स्टार्ट कर रहा हु वैसे दोस्तो आपको इसका नाम कुछ अजीब लग रहा होगा कही माता पिता भी आग्याकारी होते है आग्याकारी तो बच्चे होते है पर यकीन मानिए इस कहानी को यही नाम सही है यह कहानी माँ बेटा भाई बहन के … Read more

राम और सीता

                            राम और सीता आज सुबह से सीता बहुत खुश थी क्योंकि इकलौता बेटा राम दस साल के बाद घर वापिस लौट रहा था। इन सालों के दौरान दोनो के बीच बहुत कम बात हुई क्योंकि बेटा हॉस्टल में रहता था। दरअसल सीता … Read more

एक नया संसार

 एक नया संसार मेरा नाम विराज है, विराज सिंह बघेल। मुम्बई में रहता हूॅ और यहीं एक मल्टीनेशनल कम्पनी में नौकरी करता हूॅ। कम्पनी में मेरे काम से मेरे आला अधिकारी ही नहीं बल्कि मेरे साथ काम करने वाले भी खुश रहते हैं। सबके सामने हॅसते मुस्कुराते रहने की आदत बड़ी मुश्किल से डाली है … Read more

नाजायज़ रिश्ता : ज़रूरत या कमज़ोरी

  नाजायज़ रिश्ता : ज़रूरत या कमज़ोरी  ये मेरी कमज़ोरी थी या ज़रूरत. नाम सरोज उमर 44 साल दो बच्चो की माँबेटी नेहा उमर 22 सालबेटा राज उमर 21 पिछले महीने बालिग हुआ हैऔर मेरे पति उमेश उमर 50शराब जितनी मन करे पिला दो और उसके बाद नाटक चालू और जब तक नही पी तब … Read more

मां की ममता भाग 2 MAA KEE MAMATA PART 2

             मां की ममता भाग 2  शादाब अपनी अम्मी के गाल चूम कर बोला:” ” अम्मी आप सच में बहुत खूबसूरत है, आपके गाल एक दम मीठे हैं बिल्कुल शहद की तरह। अपने बेटे की बात सुनकर वो पूरी तरह से शर्मा कहीं गई और हाथ से निकल कर बोली: … Read more

माँ की ममता MAA KEE MAMATA PART 1

                                    माँ की ममता  आज सुबह से शहनाज़ बहुत खुश थी क्योंकि इकलौता बेटा शादाब दस साल के बाद घर वापिस लौट रहा था। इन सालों के दौरान दोनो के बीच बहुत कम बात हुई क्योंकि बेटा हॉस्टल … Read more

एक नया संसार

 एक नया संसार दोस्तो शुभम की लिखी हुई एक कहानी पोस्ट कर रहा हूँ आनंद लीजिए मेरा नाम विराज है, विराज सिंह बघेल। मुम्बई में रहता हूॅ और यहीं एक मल्टीनेशनल कम्पनी में नौकरी करता हूॅ। कम्पनी में मेरे काम से मेरे आला अधिकारी ही नहीं बल्कि मेरे साथ काम करने वाले भी खुश रहते … Read more

Hawas ka ghulam ( हवस का गुलाम )

  Hawas ka ghulam ( हवस का गुलाम ) गर्मियों के मौसम को झेलने के बाद बारिश का मौसम कुछ ज़्यादा ही सुहाना लगता है. सावन जो शुरू हो चुका है. आज जल्दी सुबह से ही काले मेघों ने अपनी हुंकार लगानी शुरू करदी. हरे भरे पेड़ों के हरे पत्तों से पानी की बूंदे अठखेलियाँ … Read more